मौका एक ऐसी चीज है जो हर किसी के जीवन में आती है
मौका एक ऐसी चीज है जो हर किसी के जीवन में आती है, लेकिन कुछ ही लोग इसे पहचान पाते हैं और इसका फायदा उठा पाते हैं। आज, मैं आपसे मौके की प्रकृति, इसे पहचानने के महत्व और इसका अधिकतम लाभ उठाने के तरीके के बारे में बात करने जा रहा हूँ।मौका एक अप्रत्याशित घटना या परिस्थिति है जो आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। मौके हर समय हमारे आसपास होते हैं, लेकिन हम अक्सर उन्हें पहचान नहीं पाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अक्सर अपने आराम क्षेत्र में फंस जाते हैं और नए अनुभवों के लिए खुले नहीं होते हैं। हम यह भी मान सकते हैं कि हम मौके के लायक नहीं हैं, या हम असफल होने से डरते हैं। तो चलिए कहानी की शुरुवात करते है ! एक शहर में दो दोस्त रहते थे, एक दिन वो दोनों दोस्त समुद्र के किनारे शंख इकट्ठा करने के लिए गए। ताकि उन शंख को बेचकर, वो अपने लिए कुछ पैसे जमा कर पाए। दोनों दोस्त शंख इकठ्ठा कर ही रहे थे की तभी पहले वाले दोस्त को एक बड़ा शंख दिख गया। और उसने वह बड़ा शंख उठा लिया
। ये देखकर दूसरे वाले दोस्त के मन में आया। की अरे इसे तो बड़ा शंख मिल गया है, अब ये मुझसे ज्यादा पैसे कमा लेगा।तो फिर उसने सोचा, की अब मैं भी इससे बड़ा शंख ही ढूंढ़ लूंगा। ताकि मैं भी इससे ज्यादा पैसे कमा पाऊं। तो अब वह लग गया बड़े शंख की तलाश में, उस
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ने ख़ूब ढूंढा खूब मेहनत की, लेकिन फिर भी उसे बड़ा शंख हासिल नहीं हुआ। और उस बड़े शंख के चक्कर में, उसे जितने भी छोटे छोटे शंख मिलते, उन सारे शंखो को उठाकर फेंक देता। क्योंकि उसके दिमाग में वो बड़ा शंख था । की मुझे किसी भी हालत में वो बड़ा शंख चाहिए। ताकि मैं थोड़े ज्यादा पैसे कमा पाऊं।उस बड़े शंख के तलाश में दोपहर से शाम हो गयी, शाम से रात हो गयी। ना तो उसे बड़ा शंख मिला, और बल्कि जो उसे छोटे-छोटे शंख मिले थे। उन शंखो को भी उसने फेक दिए, तो उसके हाथ में कुछ नहीं आया। और जो पहला वाला दोस्त था, उसके पास एक बड़ा शंख था, और कुछ छोटे शंख थे।तो रात हो गयी और वो दोनों दोस्त घर जाने लगे। घर जाते वक्त पहला वाला जो दोस्त था, उसने अपने शंख बेच दिए, तो उसके पास जो बड़ा शंख था, उसके उसे मिले 1000 रूपये, और जो छोटे छोटे शंख उसके पास थे। उसके उसे मिले 3000 रूपये। ये जानकर उस दूसरे वाले दोस्त को बहुत दुख हुआ । की काश वह उन छोटे छोटे शंख को फेंकता नहीं। तो अभी मेरे पास इससे भी ज्यादा पैसे होते ।उसके दोस्त ने उसे बताया, की जो छोटे छोटे शंख तूने फेंक दिए थे ना। उन्ही को मैंने अपने पास कलेक्ट कर लिया था। और उन्ही की वजह से मुझे मिले 3000 रूपये और ये जानकर वो दूसरा वाला दोस्त और भी ज्यादा निराश हो जाता है।इस कहानी को बताने का मेरा मक़सद बिल्कुल साफ़ है की हम कुछ बड़ी बड़ी चीज़े करने के चक्कर में, कई सारे छोटे-छोटे मौके हाथ से गवा देते है।हम हमारी लाइफ में भी कई सारी छोटी छोटी चीज़ों को Egnore कर देते है। लेकिन ये बात आपको जान लेनी चाहिए, की ये छोटी छोटी
चीज़े आगे जाकर बहुत विशाल रूप धारण कर लेती है। हर छोटी चीज़ पर ध्यान लगाओ। उसे Egnore मत करो, आगे जाकर आपको इसकी अहमियत पता चलेगी।मैं ये भी नहीं कह रहा हूँ, की आप छोटा सोचो और छोटा ही करो मेरे कहने का मतलब ये है की आप सोचो बड़ा लेकिन उसके लिए, आप हर वो छोटा काम करो, जिससे की आपका लक्ष्य आपको हासिल हो दोनों दोस्तों का लक्ष्य एक ही था वो था पैसा, लेकिन पहले वाले दोस्त ने ही बड़े पर भी फोकस किया, और छोटे पर भी फोकस किया। और जो दूसरा दोस्त था, उसने सिर्फ बड़े पर ही फोकस किया। छोटी छोटी चीज़ो को इग्नोर कर दिया, और जहा उसे ज्यादा पैसे मिलने चाहिए थे। वहीं उसे एक रुपया भी नहीं मिला। अंत में सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगा, की छोटे-छोटे बदलाव ही बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है।
